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अक्षय तृतीया : सच्चा अक्षय क्या है? अद्वैत वेदांत की दृष्टि से विस्तृत लेख

अक्षय तृतीया : सच्चा अक्षय क्या है? अद्वैत वेदांत की दृष्टि से विस्तृत लेख

अद्वैत वेदांत स्पष्ट कहता है – ब्रह्म सत्यं, जगन्मिथ्या। इस जगत का हर पदार्थ क्षयशील है। सोना-चाँदी रूप, रंग, भार में बदलता है; शरीर बूढ़ा होकर मरता है; धन चोरी, कर, दुर्घटना या मृत्यु से नष्ट हो जाता है। इसलिए यह ‘क्षय’ है, ‘अक्षय’ नहीं।