
मौन की यात्रा - जीवन सत्य और स्वतंत्रत
ौन के पवित्र आश्रय में सौंदर्य जीवंत हो उठता है। मौन के उस निर्मल सौंदर्य की वेदी पर विनम्रता जीवन के साथ सहजता से खेलती है। और जब विनम्रता में एक आंतरिक लय उत्पन्न होती है, तब उसके प्रकाश में निर्दोषिता स्वयं को प्रकट करने लगती है।






